उत्तराखंड में पंचायत चुनाव में बीजेपी और कांग्रेस की अभी एक और परीक्षा बाकी है। जिला पंचायत अध्यक्ष हो या फिर ब्लॉक प्रमुख दोनों का ही चुनाव सिंगल ट्रांसफरेबल वोट के माध्यम से होता है, जिस तरह से देश के राष्ट्रपति को चुना जाता है, अगर आसान शब्दों में कहे तो जिला पंचायत अध्यक्ष या ब्लॉक प्रमुख का चुनाव जनता नहीं करती है, बल्कि चुने हुए जिला पंचायत सदस्य और क्षेत्र पंचायत सदस्य करते हैं।
जिला पंचायत अध्यक्ष और ब्लॉक प्रमुख का चुनाव वही लड़ सकता है, जो पहले से ही चुनाव जीतकर जिला आया है, फिर बाकी सदस्य एक चुने हुए सदस्य के लिए वोट करते हैं उसे ही जिला पंचायत अध्यक्ष और ब्लॉक प्रमुख बनाया जाता है।
आसान भाषा में समझना हो तो पहले जनता अपना एक सदस्य चुनती है फिर वही सदस्य मिलकर अध्यक्ष चुनते हैं। इस बार उत्तराखंड में 12 जिलों में 385 जिला पंचायत सदस्य जीतकर आए हैं जिनमें से अधिकांश बीजेपी के जीते हैं, वहीं कांग्रेस ने भी अपना दम दिखाने की पूरी कोशिश की है इसलिए इन दोनों दलों में ज्यादा टक्कर रहने की संभावना है।
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