तीन माह से वेतन न मिलने से गुस्साए उपनल कर्मियों का दो घंटे का कार्य बहिष्कार आज मंगलवार को भी जारी रहा। रविवार के अवकाश के बाद सोमवार को अस्पताल खुलने पर भारी संख्या में अस्पताल पहुंचे मरीजों को उपनल कर्मियों के दो घंटे के कार्य बहिष्कार के दौरान भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा था। इसी तरहां कार्य बहिष्कार के चलते आज लगातार दूसरे दिन भी मरीज परेशान रहे।
राजकीय मेडिकल कॉलेज हलद्वानी एवं डॉ० सुशीला तिवारी राजकीय चिकित्सालय के समस्त उपनल कर्मियों को पिछले तीन माह से वेतन नहीं मिला है। जिससे उनके सामने परिवार के भरण पोषण की समस्या खड़ी हो गई है। कर्मचारियों का कहना है कि अगर शासन प्रशासन हमारी मांग नहीं मानता है और कर्मचारियों के हितों की अनदेखी करता है तो आने वाले समय में सभी कर्मी अनिश्चितकालीन धरने पर जाने को मजबूर हो जाएंगे।
कर्मचारियों ने बताया कि एक तरफ मा० उच्च न्यायालय एवं मा० सर्वोच्च न्यायालय ने उपनल कर्मचारीयों को 6 माह के भीतर समान कार्य का समान वेतन तथा 1 वर्ष के भीतर नियमित करने का आदेश जारी किया है, लेकिन इस आदेश की अनदेखी कर कर्मचारियों का उत्पीड़न किया जा रहा है। वेतन न मिलने के कारण बाहर से आकर किराए में रह रहे कर्मियों के सामने सड़क पर आने की स्थिति उत्पन्न हो गई है। कर्मियों द्वारा बच्चों के स्कूल की फीस जमा ना कर पाने के कारण भी बच्चों की शिक्षा का संकट खड़ा हो गया है। संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि अगर अभी भी शासन ने कर्मचारीयों के हितों की अनदेखी करी तो इसका खामियाजा प्रशासन को भुगतना होगा।
उन्होंने सरकार से कर्मचारियों की मांगों को पूरा कर उनको सुरक्षित भविष्य देने की मांग की है। इस दौरान नीरज हैड़िया,पूरन भट्ट,भानु कैड़ा, मनमोहन पाटनी,शम्भू दत्त बुधानी,चंदू कफलटिया,सुन्दर चौहान,तेजा बिष्ट,प्रताप बोरा,मनीष तिवारी,डूंगर मटियाली,विनोद बिष्ट, खेमराज साहू, दिनेश जोशी,दीपा शर्मा,मोहनी पाठक,प्रभा गोश्वामी, रेखा सनवाल सुशील कुमार,राकेश सहित सैकड़ो कर्मी मौजूद रहे।
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