Uttarakhand: पंचायतें होगी आत्मनिर्भर : उत्तराखंड सरकार पंचायतों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाने जा रही है। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत अब पंचायतों को भी नगर निकायों की तरह भवन कर और विभिन्न सेवाओं पर यूजर चार्जेज वसूलने का अधिकार दिया जाएगा। इसके लिए पंचायती राज अधिनियम के अंतर्गत नई नियमावली तैयार की जा चुकी है, जिस पर संबंधित अधिकारियों से सुझाव लिए जा रहे हैं।
🏛️ नियमावली पर काम अंतिम चरण में
पंचायती राज विभाग द्वारा तैयार किए गए ड्राफ्ट को जिला पंचायती राज अधिकारियों (डीपीआरओ) और जिला पंचायतों के अपर मुख्य अधिकारियों (एएमए) के पास भेजा गया है। सुझाव मिलने के बाद इस प्रस्ताव को राज्य कैबिनेट के समक्ष रखा जाएगा।
💰 आर्थिक आत्मनिर्भरता पर फोकस
अभी तक ग्राम, क्षेत्र और जिला पंचायतें मुख्य रूप से केंद्र और राज्य वित्त आयोग से मिलने वाली सहायता पर निर्भर हैं। नई व्यवस्था के जरिए पंचायतों को अपने स्तर पर राजस्व जुटाने के लिए सक्षम बनाया जाएगा, जिससे विकास कार्यों में तेजी आएगी।
⚙️ इन सेवाओं पर लग सकते हैं चार्जेज
नई नियमावली लागू होने के बाद पंचायतें निम्न सेवाओं के लिए यूजर चार्जेज वसूल सकेंगी:
स्वच्छता और कचरा प्रबंधन
सोलर लाइट व्यवस्था
सिंचाई सेवाएं
ग्रामीण मार्गों का रखरखाव
इसके साथ ही प्राकृतिक संसाधनों के उपयोग पर सेस लगाने का प्रावधान भी किया जा रहा है।
🏠 इन पर लगेगा भवन कर
शुरुआती चरण में पंचायतें व्यावसायिक भवनों, होम स्टे, रिसॉर्ट और बड़े पक्के मकानों पर भवन कर लगा सकती हैं। वहीं, छोटे और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को राहत देने की व्यवस्था भी प्रस्तावित है।
📊 ग्रामीण विकास को मिलेगा बढ़ावासरकार का मानना है कि इस पहल से पंचायतों की आय में वृद्धि होगी और वे स्थानीय स्तर पर विकास योजनाओं को अधिक प्रभावी ढंग से लागू कर सकेंगी। इससे गांवों में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार भी तेज होगा।
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